देऊळगाव राजा में 200 वर्षों की परंपरा का संदल शरीफ एवं ग्यारहवीं शरीफ का भव्य आयोजन

स्टार भारत लाईव्ह एक्सप्रेस
प्रतिनिधी – शंकर शिवरकर
देऊळगाव राजा, जिला बुलढाणा : देऊळगाव राजा शहर की दरगाह मस्जिद शरीफ, हजरत सैयद अलाउद्दीन बादशाह कादरी रहमतुल्लाह अलैह एवं हजरत सैयद आमिरुल कादरी रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह में सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा के तहत संदल शरीफ का भव्य आयोजन गुरुवार, 24 सितंबर को बड़े ही अकीदत, श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया।
बताया जाता है कि इस दरगाह में संदल शरीफ की परंपरा लगातार 200 वर्षों से मनाई जाती आ रही है। दरगाह मस्जिद के बेस पर अंकित 1248 हिजरी की तारीख और वर्तमान वर्ष 1448 हिजरी के बीच पूरे 200 हिजरी वर्षों का अंतर है। इसी ऐतिहासिक परंपरा के चलते इस वर्ष का संदल शरीफ विशेष महत्व रखता है और अकीदतमंदों के लिए यह एक यादगार अवसर रहा।
संदल शरीफ के अवसर पर बाद नमाज-ए-असर संदल की रस्म अदा की गई। इसके बाद बाद नमाज-ए-मगरिब लंगर शरीफ का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर तबर्रुक हासिल किया। वहीं बाद नमाज-ए-ईशा महफिल, चिराग रोशन करने की रस्म एवं शिजरा खानी का आयोजन किया गया। इस दौरान दरगाह परिसर में अकीदत और रूहानी माहौल देखने को मिला।
इसी अवसर पर हजरत पीराने पीर गौस-ए-आजम दस्तगीर रहमतुल्लाह अलैह की ग्यारहवीं शरीफ भी खुसूसी तौर पर मनाई गई। दूर-दराज से आए अकीदतमंदों ने दरगाह में हाजिरी देकर फूल, अत्तर एवं अन्य नजराने पेश किए और अपनी अकीदत का इजहार किया।
पूरे कार्यक्रम का आयोजन अल्हाज मोहम्मद याकूब साहब एवं दरगाह ट्रस्ट कमेटी की निगरानी में किया गया। हाफिज-ओ-कारी साबिर अली साहब ने फातिहा खानी कराई तथा विशेष दुआ की। इस दौरान काजी सूफी मोहम्मद गुलाम अहमद साहब ने भी अपनी खिदमत अंजाम दी।
200 वर्षों से चली आ रही इस ऐतिहासिक परंपरा के संदल शरीफ में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की मौजूदगी रही। श्रद्धालुओं ने दरगाह में हाजिरी देकर दुआएं मांगी और इस पुरानी धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।



